अवैध क्वाटर दखलदार ने किया लीजधारी क्वाटर के महिला से साथ मारपीट

अवैध क्वाटर दखलदार ने किया लीजधारी क्वाटर के महिला से साथ मारपीट
Posted By: Khabar Mantra Online
17-Jun-2021
बोकारो : सेक्टर दो-ए, क्वाटर संख्या 3-104 में लीजधारी क्वाटर कर्मचारी को उसके उपर अवैध दखल कर रह रहे क्वाटर- 3-107 दखलदार ने मारपीट कर महिला के साथ अभद्र व्यवाहर किया और उसके परिवार के साथ मारपीट की। इस बाबत शिक्षिका बेबी कुमारी ने सिटी थाना में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज किया है। शिकायतकर्ता के आवेदन पर सिटी थाना में कांड संख्या 103/21, दिनांक 18.05.2021 दर्ज किया गया है। अवैध दखलदार के खिलाफ लीजधारी कर्मचारी ने कई बार लिखित शिकायत बीएसएल में की। बीएसएल प्रबंधन के आला अधिकारियों से मिले। लेकिन परिणाम सिफर ही रहा। दखलदार पर कोई कार्यवाई तो नहीं हुई। उल्टे अवैध दखल किया गया क्वाटर 3-107 पर बीएसएल प्रबंधन ने क्वाटर खाली कराने के बजाए बीएसएल कोर्ट में एक मामला दर्ज कर दिया । जो कि हास्यासपद और तर्कहीन है। अब बीएसएल के संबंधित विभाग के आला अधिकारी मामला कोर्ट में कह कर अपना पल्ला झाड़ रहे है। सबसे मजेदार बात यह है कि कुछ महिने पहले हुए लीज आबंटन के लिस्ट में यह क्वाटर सेक्टर 3-107, 2 ए शामिल था। इसका आबंटन लीज के तहत हो भी गया। लेकिन जिनको यह क्वाटर आबंटन हुआ उन्हें जब मालूम हुआ कि इसपर दखल है तो वो अपनी गढ़ाई कमाई का पैसा लगाना मुनासिब नहीं समझा और क्वाटर नहीं ली। प्रश्न यह है कि जब क्वाटर ही दखल का है तो फिर मामला क्यों और किसपर दर्ज किया गया है? प्रबंधन को तो इसे अविलंब खाली कराना चाहिए। एक तो चोरी और उपर से सीनाजोरी। इससे नीचे रह रहे लीज पर लिए क्वाटर कर्मचारी को बेवजह परेशानी और मारपीट तक की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल बीएसएल में कई सालों से बहाली नहीं हुई है और हर साल रिटारमेंट होने से कई क्वाटर खाली पड़ी हुई है। कर्मचारी के अनुपात में क्वाटर की संख्या ज्यादा हो गई है। कई क्वाटरों पर असमाजिक तत्वों ने दखल कर, उसे भाड़े पर लगा रखा है। इनको बीएसएल के संबंधित विभाग का संरक्षण मिला हुआ है। यह एक सिडिकेट है। इसमें पूरी एक टीम सुनियोजित तरह है काम करती है। जिसमें महिने वार भाड़ा वसूली कर उसका बंदरबंट कर दिया जाता है। इससे बीएसएल प्रबंधन को जहां प्रति माह आर्थिक हानि हो रहा है यह असमाजिक तत्वों को शरणस्थली बनी हुई है जिससे शहर की विधी व्यवस्था को खतरा है।